आलिमा की कोर्स करने वाली छात्राओं किया गया सम्मानित
दारुल उलूम निसवां में हुआ वार्षिक जलसे का आयोजन
रिपोर्ट समीर चौधरी
देवबंद-दारुल उलूम निसवां में बुधवार को वार्षिक जलसे का आयोजन हुआ। इसमें संस्था से फारिग होने वाली छात्राओं को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाया गया।
ईदगाह रोड स्थित बैंक्वेट हाल में हुए कार्यक्रम में संस्था के संचालक मौलाना नजीफ अहमद अजहरी ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित करना उनका उद्देश्य है क्योंकि बच्चों का पहला मदरसा उनकी माँ ही होती है। संस्थापक मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरुरी है। कहा कि हमें इस्लाम की शिक्षाओं को गंभीरता से अपनी जिंदगी में उतारना होगा और देश में मुसलमानों के उज्ज्वल और खुशहाल भविष्य के लिए एक ठोस प्लान बनाना होगा। प्रबंधक अल्लामा बागजहां ने बताया कि इस वर्ष हाफिजा नईमा हनीफ, मनतशा गय्यूर, तंजीम अहसान, आफरीन, फरमान, सानिया इमरान, शमे युसूफ, आयशा, शहाबुद्दीन, शबाना, इमरान, निशा तूर, नाजशाह, शाजिया, शमे तसव्वुर, राहत, और जैसमीन ने आमिला कोर्स से ग्रेजुएट किया है। कार्यक्रम में सभी छात्राओं को शॉल ओढ़ाकर और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मौलाना इब्राहीम कासमी, मौलाना जैनुद्दीन कासमी, मौलाना शकील कासमी, मुफ्ती उमर, मौलाना रफीउद्दीन, मौलाना गुफरान, अब्दुल रहमान सैफ आदि मौजूद रहे।
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