Ticker

6/recent/ticker-posts

प्यार के पीछे होता है, कैमिकल एवं हार्मोन का साथ-डॉक्टर संजीव मिगलानी

प्यार के पीछे होता है, कैमिकल एवं हार्मोन का साथ-डॉक्टर संजीव मिगलानी

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-प्यार, इश्क और मोहब्बत यूं ही नही हो जाता वेलंटाइन सप्ताह विशेष पर जनपद के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संजीव मिगलानी ने मेडिकल सांइस के पहलुओं पर नजर डाली।

डॉक्टर संजीव मिगलानी ने कहा कि प्यार, इश्क और मोहब्बत यूं ही नही हो जाता इसके लिए शारीरिक प्रतिक्रियाएं जिम्मेदार होती है। मेडिकल सांइस में शरीर के कुछ हारमोंस व कैमिकल का मिश्रण आदमी को प्यार की राह पर ले जाता है। इसके अधिक स्त्राव से आदमी खुद को नही रोल पाता है। मेडिकल सांइस ने इसके पहलुओं पर नजर डाली। खास पहलू यह है कि प्यार के लिए उम्र का तकाजा नही है और यह विपरित लिंग कोई प्रभावित नही करता समलैगिंक भी हो जाता है। किसी भी व्यक्ति की तरफ बढ़ता रूझान हमारे लिए एक खास हो सकता है लेकिन सांइस और अध्यात्म में ऐसी बातों को आम माना जाता है जिसकी वजह से हमारे अंदर के रासायनिक अभिक्रिया से जुडाव है। ऐसे से ही कुछ अभिक्रियाओ की जानकारी दे रहे है "डा. संजीव मिगलानी के अनुसार निम्नलिखित क्रियाओं और कैमिकल के बारे में बताया है।"

भावनाएँ

मोह -मोहब्बत की राह पहले से यह सबसे पहला कदम है इसमें एक दूसरे के प्रति मोह व लालसा का प्रवाह होता है। महिला पुरूषों में यह टैस्टोस्टेरोन व एस्ट्रोजन हारमोस के कारण होता है। पहले कदम पर थोडा डर भी महसूस होता है।

एक्साइटमेंट -इसमें एक अद्भुत भावनात्मकता का परिवेश व समावेश होता है। इस पडाव पर आदमी मोह से थोड़ा आगे बढ़ जाता है। इस आकर्षण के लिए मुख्यतः तीन न्यूरोट्रांसमीटर जुडे होते हैं। इसमें एड्रेनिल, डोपामाईन व सेरोटोनिन ।

हार्मोन एवं कैमिकल:

एड्रेनिल - प्यार की राह में आगे बढते समय आदमी के शरीर में तनाव का स्तर बेहद सक्रिय होता है। इसकी वजह से रक्त में एड्रेनिल व कार्टिसोल हारमोंस का स्तर बढ़ जाता है। जिसके चलते आदमी अजीब सी बेचैनी व परेशानी महसूस करने लगता है। यह सब कुछ उसकी कल्पना से बाहर हो जाता है, और फिर प्यार पनपने लगता है।

डोपामाईन -इन हारमोंस की खास बात है कि यह इच्छाओं के लिए उकसाता है। इसका दिमाग पर ठीक वैसा ही असर होता है जैसे किसी नशीले पदार्थ का इसी के कारण रात को नींद न आना, भूख कम लगना, काम में मन न लगना, आलस की अधिकता आदि शामिल है। और अपने प्रेमी से मिलकर शान्ती मिलती है।

सेरोटोनिन -किसी के प्रति अधिक लगाव जिसे आम भाषा प्यार में डूबते जाना इसी के कारण होता है। व्यक्ति इसमें पूरी तरह अपने आपको दूसरे के प्रति चाह बढने के कारण काबू नही रख पाता। प्यार के अंतिम पडाव में आकर महसूस होता है कि जोड़ों में एक दूसरे के प्रति लंबे समय तक साथ जीने मरने की कवायद और पूरी तरह संतुष्टि महसूस करता है हालांकि इस स्थिति में दो हारमोन्स प्रभावी होते है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

हरेला पर्व पर जनपद में 30हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित