कृषि विभाग की पहल से 70 हेक्टेयर क्षेत्र में शुरू हुई हाइब्रिड धान खेती,
45 से 62 कुंतल तक पहुंची धान उपज, किसानों की आय में 39 प्रतिशत वृद्धि,
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
देहरादून-जनपद के ब्लाक सहसपुर और विकासनगर में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना किसानों के लिए समृद्धि का नया द्वार खोल रही है।परम्परागत खेती में सीमित उत्पादन और कम आय से जूझ रहे किसानों को अब हाईब्रिड धान बीजों के प्रयोग से बेहतर उत्पादन और अधिक आय का लाभ मिल रहा है।
कृषि विभाग की इस अभिनव पहल ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक खेती के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ाया है।वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सहसपुर एवं विकास नगर की 20ग्राम पंचायतों के 70किसानों को 28कुंतल हाइब्रिड धान बीज वितरित किए गए। योजना के तहत 70हेक्टेयर कृषि भूमि को परंपरागत खेती से हाइब्रिड धान उत्पादन क्षेत्र में परिवर्तित किया गया,जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे।पहले किसान एक हेक्टेयर भूमि से लगभग 45कुंतल धान उत्पादन प्राप्त करते थे और उनकी औसत आय करीब 81हजार रुपये प्रति हेक्टेयर थी।हाईब्रिड बीजों के उपयोग के बाद धान की उपज बढ़कर 62कुंतल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई।इसके साथ ही किसानों की आय बढ़कर लगभग 1.13लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गई।इस प्रकार किसानों की आय में करीब 32हजार रुपये तथा लगभग 39 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ा है और आसपास के अन्य कृषक भी हाईब्रिड धान बीज अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा ने बताया कि योजना के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए खरीफ 2025 में हाईब्रिड धान उत्पादन क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर 186 हेक्टेयर कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि हाईब्रिड बीजों के प्रयोग से किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी सिद्ध हो रही है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित हाईब्रिड धान बीज वितरण कार्यक्रम अब किसानों के लिए सफलता की मिसाल बन चुका है।यह योजना न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है,बल्कि किसानों के जीवन स्तर में सुधार और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।हाइब्रिड अथवा संकर बीज दो अलग-अलग किस्मों के पौधों के नियंत्रित परागण से विकसित उन्नत बीज होते हैं।ये सामान्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ कीट एवं रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं। कम पानी और अनियमित वर्षा की परिस्थितियों में भी बेहतर उपज देने वाले ये बीज किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित हो रहे हैं।कोतवाली कनखल में वरिष्ठ नागरिकों के साथ आयोजित हुई गोष्ठी
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-थाना कनखल में वरिष्ठ उपनिरीक्षक द्वारा सीनियर सिटीजनों के साथ गोष्ठी में थाना क्षेत्र के कई वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। गोष्ठी के दौरान वरिष्ठजनों सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया गया।
पुलिस द्वारा सीनियर सिटिजनों की समस्याएं सुनी गईं एवं सुझाव साझा किए गए।इस दौरान साइबर ठगी से बचाव हेतु दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि ऐसी गोष्ठियां प्रत्येक माह आयोजित की जाएंगी।जो वरिष्ठ नागरिक अकेले निवास करते हैं तथा उनके साथ नौकर रहते हैं,उनकी सुरक्षा के दृष्टिगत मोबाइल नंबर लिए गए एवं नौकरों का सत्यापन कराने हेतु जागरूक किया गया।चेतक कर्मियों को भी निर्देशित किया गया कि अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के घर प्रतिदिन भ्रमण कर उनका हालचाल लें एवं सुरक्षा सुनिश्चित करें।सभी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा पुलिस के सहयोगात्मक रवैये की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया गया।

0 टिप्पणियाँ