माँ ही एक अच्छे समाज और उज्ज्वल राष्ट्र का निर्माण करती है-डॉ. मोहम्मद खालिद
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर- आनंद नगर स्तिथ ब्लू बर्ड स्कूल में मदर्स डे के अवसर पर एक भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमे विद्यार्थियों ने माताओं के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं, जिन्हें उपस्थित सभी लोगों ने खूब सराहा। पूरा कार्यक्रम भावनाओं, सम्मान और प्रेम से भरपूर रहा।
कार्यक्रम का संचालन मरिया मैम द्वारा बहुत ही सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुफ्ती ज़की द्वारा पवित्र कुरआन शरीफ़ की तिलावत से हुई, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के निदेशक मोहम्मद जमाल असलम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ दुनिया की सबसे बड़ी नेमत होती है जिसके कदमों तले जन्नत रखी गई है।ख़ुद खुदा ने भी अपनी मोहब्बत का उदाहरण माँ की मोहब्बत से दिया है।उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी माताओं का सम्मान करने, उनकी सेवा करने तथा उनके त्याग और प्रेम को समझने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि एक माँ अपने बच्चों की सफलता और अच्छे भविष्य के लिए हर कठिनाई को सहन करती है, इसलिए हमें हमेशा उनका आदर करना चाहिए।इसके पश्चात विद्यालय के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद खालिद ने अपने भाषण में कहा कि माताएँ समाज की नींव होती हैं। उन्होंने बताया कि एक अच्छी माँ ही एक अच्छे समाज और उज्ज्वल राष्ट्र का निर्माण करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी माताओं की बातों का पालन करें और उनके सपनों को पूरा करने का प्रयास करें। उन्होंने मातृ दिवस जैसे कार्यक्रमों को बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्यों के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या नीलोफर शम्सी ने अपने संबोधन में सभी माताओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि माँ का प्रेम निस्वार्थ और अनमोल होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यवहार और कार्यों से अपनी माताओं को गर्व महसूस कराने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में सभी भाग लेने वाले बच्चों को सर्टिफिकेट्स दिए गए। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों के नाम इस प्रकार है।मायरा, सादिया, फैज, समीउल्लाह, हुजैफा, सिदरा, अहमद, आफरीन, सफी, इकरा, अजरा, फकी, मरियम, शिरीन, अलीना, अलिश्बा, अशरा, हलीमा, अलवीना, इनाया, माहिरा, हिफ्जा, नबीला, हलीमा, हया, अक्सा, अलीशान, जैनब आदि मौजूद रहे
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