एसएमजेएन पीजी कॉलेज में चौथी तीरंदाजी 6दिवसीय राष्ट्रीय चैंपियनशिप का महाकुंभ शुरू,
27 राज्यों के 700 से ज्यादा धनुर्धर भाग ले रहे हैं तीरंदाजी चैंपियनशिप में
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-एसएमजेएन पीजी कॉलेज में आरजेके फाउंडेशन के तत्वावधान में तीरंदाजी की 6 दिवसीय राष्ट्रीय चैंपियनशिप महाकुंभ का आज शुभारंभ हुआ।इस प्रतियोगिता में देशभर के 27 राज्यों से 700से ज्यादा धनुर्धर एक साथ तीर कमान के साथ एकत्र हुए हैं।इसका समापन 21जून को होगा।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्रीमनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज के मार्गदर्शन में इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है।नगर निगम की मेयर किरण जैसल,रेलवे की पुलिस अधीक्षक सुश्री अरुणा भारती एवं कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुनील बत्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन के संरक्षक नरेश चौहान ने की। संचालन डॉ.राधिका नागरथ और कंचन तनेजा ने संयुक्त रूप से किया।हरिद्वार मेयर किरण जैसल ने कहा कि खेल राष्ट्रीय भावना जागृत करते हैं और खेलों से युवाओं में राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव पैदा होता है,जिससे राष्ट्र मजबूत होता है।उन्होंने कहा कि इस चैंपियनशिप के हरिद्वार में होने से युवाओं में तीरंदाजी के प्रति और अधिक लगाव पैदा होगा।रेलवे की पुलिस अधीक्षक सुश्री अरुणा भारती ने कहा कि खेलों से युवाओं का मानसिक और शारीरिक विकास होता है और उनका जीवन स्वस्थ रहता है।उन्होंने कहा कि खेलों के प्रति पिछले एक दशक में युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है।उत्तराखंड राज्य ने भी खेलों के क्षेत्र में बहुत तरक्की की है।कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुनील बत्रा ने कहा कि खेल युवाओं में ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया का उद्घोष करके भारत में खेलों के स्तर को ऊपर उठाने का काम किया है। युवाओं का रुझान खेलों की तरफ तेजी से बढ़ा है। तीरंदाजी राष्ट्रीय चैंपियनशिप के संयोजक कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि चौथी तीरंदाजी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश के 27राज्यों के 700से ज्यादा युवा भाग ले रहे हैं।जिसमें उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश,झारखंड,हरियाणा,पंजाब राजस्थान,जम्मू कश्मीर आदि राज्यों के खिलाड़ी शामिल हैं।आरजेके फाउंडेशन के निदेशक कुलदीप चौहान एवं रमेश प्रसाद बताया कि इस चैंपियनशिप की विशेषता यह है कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को असली सोने का स्वर्ण पदक ही प्रदान किया जाएगा।इसका आयोजन उत्तराखंड तीरंदाजी फाउंडेशन एवं जिला हरिद्वार तीरंदाजी फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।चैंपियनशिप को आयु वर्ग में चार वर्गों में विभाजित किया गया है।इस अवसर पर पंचायती श्रीआनंद अखाड़ा के महंत रचित गिरी और पंचदशनाम जूना अखाड़ा की महंत रजनी गिरी ने आशीर्वचन दिया। इस दौरान डॉ.संजय माहेश्वरी,डॉ.शिव कुमार चौहान,विनय थपलियाल,डॉ.जे.सी आर्य,मोहन चन्द्र पांडे,आदि उपस्थित थे।अतिथियों को प्राचार्य डॉ.सुनील कुमार बत्रा द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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