बुराइयों का त्यागकर शिक्षावान व धैर्यवान बने-आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी
गुरु गद्दी उन में उमड़ा आस्था का सैलाब, रातभर चला बंदगी का दौर
रिपोर्ट एसडी गौतम
शामली- अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन के तत्वाधान में गुरु गद्दी उन में स्थित चेतन समाधि पर ज्येष्ठ की चौदस व पूर्णिमा पर स्वामी ज्ञान भिक्षुकदास जी महाराज के 66वे महापरिनिर्वाण दिवस पर भव्य शोभायात्रा निकाल रात्रि में महान संत समागम का आयोजन किया गया।

सत्संग का शुभारंभ संत शिरोमणि सतगुरु रविदास जी महाराज स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास जी महाराज व सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज के पावन चरणों में गुरु पूजा अर्पितकर आरती वंदना से किया गया। लाखों की तादाद में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को निहाल करते हुए आचार्य संत कंवरपाल ब्रह्मचारी जी महाराज ने स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास जी के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए वर्तमान परिवेश में अपने बच्चों को संस्कारवान, शिक्षावान और धैर्यवान बनाने की बात करते हुए कहा कि सतगुरु रविदास जी महाराज की विचारधारा और उपदेश सभी मानव जीवो का कल्याण करते हैं जिनको सतगुरु समनदास जी महाराज ने जन-जन तक बखूबी पहुंचाने का काम किया है उन्होंने सभी से नशा, चुगली, निंदा जैसी बुराइयों का त्यागकर अच्छाई के रास्ते पर चलने तथा संतों में भेद न करने की बात कहते हुए सभी से आपसी प्रेमपूर्वक सदव्यवहार तथा आदर सत्कार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि संत सभी के मानव कल्याण के लिए कार्य करते हैं जिनके बताएं रास्ते पर चलने से मानव का कल्याण होता है, उन्होंने बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष से भी सीख लेने और समाजहित में शिक्षित तथा संगठित होने पर जोर देते हुए अंधविश्वास, पाखंडवाद से दूर रहने की बात कही। उत्तराखंड राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल ने कहा कि उच्च शिक्षित संत आचार्यजी के श्रीमुख से प्रवचन सुनना और समाजहित में उनके द्वारा किए जा रहे कार्य भविष्य में एक मील का पत्थर साबित होंगे। समाजसेवी अंकुर चौधरी ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें भी आज संतो की सेवा करने का अवसर मिला है जिसको वह हमेशा याद रखेंगे उन्होंने मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग देने की बात कही।संत समागम में नगर पंचायत थानाभवन अध्यक्ष राव जमशेद अली, जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी, पूर्व राज्यमंत्री शौकेंद्र आर्य, नगर पंचायत उन चेयरमैन प्रदीप चौधरी, आसपा नेता अनिल रावण ने भी विचार रखे। संत समागम में हजारों अनुयायियों ने गुरु चरणों में पूजा अर्पितकर मन्नत मांगी। संचालन महात्मा श्रृद्धादास जी व एसडी गौतम पत्रकार ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महात्मा जगतदास, पीतम दास, समुद्रदास, ईश्वरदास, मिंटू दास, कृष्णदास, बबलू दास, राजेशदास, इन्द्रपाल दास, मेघराज दास, महावीरदास, अंतूदास, संत खुशीदास, चंद्रदास, राजूदास, सरजीतदास, रामकुमारदास, गुरुचरण कटारिया, परविंदर धारिया, सतीश दास, तेजपाल दास, विनोद दास, रामपाल दास सैकड़ो संत महात्मा समेत सभासद अनिल कुमार, समाजसेवी रामपाल सिंह गौतम, खाद्य निगम सलाहकार शिवकुमार, बसंत धारिया, नितराम, चंद्रकिरण बर्मन, बालक अर्जुन सूर्यवंश, कुलविंद्र, अनूप दास, गौरव सोलंकी, नीटू रविदासिया, सागर समनदासिया, कपिल क्रांतिकारी, सन्नी कुमार, इलू बर्मन, शोकिंद्र धारिया, वीरेंद्र कुमार, आजाद कटारिया, अमित गाेयल, जियांशु सिंह व सचिन तोमर समेत लाखों अनुयायी मौजूद रहे।गुरु गद्दी उन में निकली भव्य शोभायात्रा में दिखी सामाजिक एकता व भाईचारे की झलक
अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन के संस्थापक सतगुरु समनदास जी महाराज के पूज्य गुरुदेव स्वामी ज्ञानभिक्षुक दास महाराज के 66वें महापरिनिर्वाण दिवस पर गुरु गद्दी उन में उनकी पावन स्मृति में शोभायात्रा निकाली गई।

बस स्टैंड के निकट बाबा बिशनदास मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा कस्बे के मुख्य मार्गो से मेन बाजार को होती हुई गुरु गद्दी ऊन पर आकर सम्पन्न हुई। जिसमें झंकार बैंड ने अपनी धुनों से क्षेत्र को भक्तिमय बनाए रखा और अनुयायियों में जोश देखने को मिला। शोभायात्रा के दौरान कस्बा उन वासियों में जोश व उमंग देखने को मिला और कस्बे में जगह-जगह अनेकों धर्म संप्रदाय से जुड़े लोगों ने भाईचारे की मिसाल को कायम कर जगह जगह गुरुजी के रथ पर सवार आचार्य संत कंवरपाल ब्रह्मचारी जी का स्वागत किया और प्याऊ लगाकर और फल वितरित कर अनुयायियों की सेवा की, जिससे कस्बे की सामाजिक एकता व भाईचारा को और अधिक मजबूती प्रदान हुई है। शोभायात्रा में समाजसेवी अंकुर चौधरी अपनी टीम के साथ गुरुजी के रथ के साथ पैदल चलते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से इंस्पेक्टर जितेन्द्र कुमार व कस्बा इंचार्ज विपिन मलिक अपनी टीम के साथ मुस्तैदी से डटे रहे।
0 टिप्पणियाँ