एनसीसी कैडेट्स को दी गई आधुनिक ड्रोन तकनीक की जानकारी, विश्व पर्यावरण दिवस पर किया वृक्षारोपण
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर- मेरठ ग्रुप की 83 उत्तर प्रदेश वाहिनी एनसीसी सहारनपुर के तत्वावधान में देवभूमि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, बेरी जमापुर में आयोजित दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-256 के पांचवें दिन कैडेट्स को आधुनिक ड्रोन तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान सैन्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों और आधुनिक युद्ध प्रणाली में ड्रोन की बढ़ती भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला गया।
कैंप कमांडेंट कर्नल नविंदर सिंह मान (सेना मेडल) तथा एडम ऑफिसर कर्नल तनय कोठियाल के निर्देशन में आयोजित सत्र में 82 यूपी बटालियन मुजफ्फरनगर के हवलदार मेजर प्रवीण ने कैडेट्स को ड्रोन के संचालन एवं उपयोग से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ड्रोन एक मानव रहित विमान होता है, जो कैमरा और जीपीएस तकनीक से लैस रहता है। इसका उपयोग हवाई फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, सर्वेक्षण, निगरानी और विभिन्न सैन्य अभियानों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध प्रणाली तकनीक आधारित हो चुकी है, जिसके चलते ड्रोन का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसी कारण एनसीसी के पाठ्यक्रम में भी ड्रोन प्रशिक्षण को शामिल किया गया है।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिविर परिसर में एनसीसी कैडेट्स द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूबेदार मेजर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कैडेट्स ने पौधे लगाए। इस दौरान कैंप एडजुटेंट राजेश कुमार ने पर्यावरण के महत्व तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।शिविर में कैडेट्स का चयन आईजीसी एवं आरडीसी जैसी प्रतिष्ठित एनसीसी प्रतियोगिताओं के लिए किया जाना है। इसे ध्यान में रखते हुए चीफ ऑफिसर ब्रिजेश पुंडीर, कैप्टन सुभाष चंद्र तथा कैप्टन डॉ. मनीष कुमार जायसवाल के निर्देशन में कैडेट्स को निर्धारित पाठ्यक्रम का गहन अभ्यास कराया गया।इसके अलावा लेफ्टिनेंट प्रवीण कुमार, सूबेदार यूबी आले, सूबेदार सतीश थापा, बीएचएम नरेंद्र कुमार और सीएचएम सोहनलाल की देखरेख में कैडेट्स ने खेलकूद गतिविधियों में भाग लेते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम में सूबेदार नक्षत्र सिंह, हवलदार देव सिंह आर्य, हवलदार जसवीर सिंह तथा हवलदार गोविंद थापा सहित अन्य सैन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।शिविर के सफल संचालन में देवभूमि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के प्रबंधन एवं प्रशासन का सराहनीय योगदान रहा।

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