मर्यादा, धर्म, कर्तव्य, भक्ति और त्याग का संदेश देती है राम कथा-स्वामी कैलाशानंद गिरी
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार- श्रीदक्षिण काली मंदिर में आयोजित राम कथा के आठवें दिन श्रद्धालु भक्तों को रावण द्वारा माता सीता के हरण और लंका दहन का प्रसंग सुनाते हुए कथाव्यास निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि राम कथा का प्रत्येक प्रसंग जीवन में अनुकरणीय है।
भगवान राम की कथा कथा के श्रवण से आध्यात्मिक ज्ञान व प्रेरणा मिलती है।माता सीता के हरण के बाद उनकी तलाश के दौरान भगवान राम ने माता शबरी के झूठे बेर खाकर भेदभाव मिटाने और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। वहीं माता सीता को रावण के चंगुल से छुड़ाने के दौरान जटायु के बलिदान से हमें धर्म के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा मिलती है।लंका दहन के प्रसंग से सीख मिलती है कि अहंकारी और विधर्मी व्यक्ति का विनाश निश्चित है।हनुमान जी और भगवान राम का मिलन भक्त और भगवान के रिश्ते की पराकाष्ठा को दर्शाता है।स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीराम के आदर्शो को अपनाकर आदर्श समाज की रचना में सहयोग दें। स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। कथा का समापन 14 जून को होगा।
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