पेपर लीक और संविदा व्यवस्था से युवाओं का भविष्य खतरे में सांसद इमरान मसूद
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार की शिक्षा एवं रोजगार नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से देश के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण युवाओं में निराशा बढ़ रही है और उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रैसवार्ता में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पिछले 12 वर्ष के भाजपा शासन में शिक्षा को व्यापार बनाने का काम किया गया । इमरान मसूद ने कहा कि देश के गरीबों, पिछड़ों, दलितों और सभी युवाओं के लिए उत्तम शिक्षा सुनिश्चित करना देश व प्रदेश की सरकारों का काम है और इसी को ध्यान में रखते हुए सरदार मनमोहन सिंह की सरकार देश में शिक्षा का अधिकार कानून लाई । लेकिन भाजपा सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है की सरकार शिक्षा के बजट को बढ़ाने की बजाय घटा रही है । पिछले 12 वर्षों में लगभग दर्जनों परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही है और अब सरकार पेपर लीक होने के बाद प्रश्न पत्रों को सुरक्षित परीक्षा केदो तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना कुछ जिम्मेदारी देकर पूरे प्रकरण में लीपापोती करने का काम कर रही है । उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि जहां पेपर लीक होता है उसे स्तर पर कार्यवाही नहीं की जा रही है । सरकार की इस लापरवाही के चलते आज देश के भारी अवसाद से ग्रसित है । सांसद इमरान ने कहा कि परीक्षाओं का आयोजन करने वाली संस्था एनटीए इस कदर आकंठ तक भ्रष्टाचार में डूबी है कि उसके द्वारा आयोजित किए जाने वाले नीट परीक्षा के पेपर हर वर्ष लीक हो जाते हैं, जिससे होनहार विद्यार्थी अवसाद से ग्रसित होकर आत्महत्या तक करने को मजबूर है । इमरान मसूद ने कहा कि हमारे देश में अगर आंकड़ों को देखा जाए तो 3000 बच्चों में से 1 आईएएस बनता है, 30 बच्चे आईआईटी में जाते हैं और 180 बच्चे डॉक्टर बनते हैं, जबकि शेष बच्चे इस तनावपूर्ण, अन्यायपूर्ण और क्रूर सिस्टम के चलते अपने भविष्य में सफलता के केवल ख्वाब देखते रह जाते हैं, उन्होंने इसे सिलेक्शन नहीं, रिजेक्शन सिस्टम बताया । इमरान मसूद ने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में नीट का एग्जाम देने वाले बच्चों के परिवार उनकी तैयारी में प्रतिवर्ष रुपए 1.32 लाख करोड़ खर्च करते हैं, जबकि भारत सरकार का शिक्षा बजट मात्र 1.4 लाख करोड रुपए है और ये आंकड़े शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाते है । सांसद इमरान ने कहा कि देश की 5 टॉप परीक्षाओं जैसे एसएससी, यूपीएससी, आरआरबी, जेईई व नीट में लगभग 2.45 करोड़ छात्रों के द्वारा कोचिंग व परीक्षा फीस आदि के नाम पर 3.5 लाख करोड रुपए खर्च किए जाते हैं पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व विधायक मसूद अख्तर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जावेद साबरी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, रईस मालिक, जिला पंचायत सदस्य सुदेश प्रधान, इनाम प्रधान, सेवादल जिला अध्यक्ष इमरान कुरेशी, डॉ माजिद, हरिओम मिश्रा, प्रभजीत सिंह लांबा, जिला कार्यालय सचिव नसीब खान, मयंक शर्मा, सागर राणा, शाहबाज़ आजाद आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे ।
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