सहारनपुर मंडल में पर्यटन विकास को मिलेगी रफ्तार, 14 नई परियोजनाओं पर मंथन
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में सहारनपुर मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन कार्य नवंबर 2026 तक गुणवत्ता के साथ हर हाल में पूरा कराने तथा जनप्रतिनिधियों से लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों की 14 नई पर्यटन परियोजनाओं(सहारनपुर-8, मुजफ्फरनगर-5 और शामली-1) पर विचार किया गया। करीब 22 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं में मंदिर परिसरों में बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साइनेज, बैठने की व्यवस्था और लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।मंत्री ने शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ के विकास कार्यों की विशेष समीक्षा करते हुए यहां भक्ति संगीत, आधुनिक साउंड सिस्टम, पर्यटक आवास गृह और अन्य सुविधाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सहारनपुर में 33 पर्यटन परियोजनाओं में से 14 पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर तेजी से कार्य चल रहा है।बैठक में संत रविदास मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, राधावल्लभ मंदिर, देवबंद के सदाशिव महादेव मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों के विकास पर चर्चा हुई। इसके अलावा धर्मार्थ विभाग द्वारा सहारनपुर के सात प्राचीन शिव मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा नकुड़ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया।*मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ धाम में पर्यटक सुविधा केंद्र, गंगा घाट सौंदर्यीकरण, श्रीमद्भागवत कथा केंद्र, साउंड-लाइट एवं लेजर शो सहित करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। शामली के आदमपुर स्थित प्राचीन पृथवी वाला मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी 18 मंडलों में पर्यटन परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा कर रही है, ताकि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन को नई गति दी जा सके।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, विधायक राजीव गुम्बर, किरत सिंह, मुकेश चौधरी, देवेन्द्र निम, विशेष सचिव मृदुल चौधरी, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान सहित जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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