प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में 17 गांवों के किसानों ने बैठक कर जताया विरोध।कहा हमारी भूमि उपजाऊ और आजीविका का एकमात्र साधन।भूमि बचाने के लिए करेंगे संघर्ष
रिपोर्ट डाँ ताहिर मलिक/अमन मलिक
रामपुर मनिहारान-17 गांवों के किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने बैठक कर एक स्वर में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में भूमि देने से इनकार करते हुए कहा कि भूमि बचाने के लिए किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे,क्योंकि हमारी भूमि बेहद उपजाऊ और हमारी आजीविका का एकमात्र साधन है।
क्षेत्र के गाँव सिरसली खुर्द में 17 गांवों के किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने बैठक कर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण की योजना पर रोष व्यक्त किया।भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष ग़ालिब प्रधान ने कहा कि प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए किसान अपनी भूमि देने के तैयार नहीं हैं।हमारी ज़मीन बहुत उपजाऊ है और यही यहाँ के किसानों की आजीविका का एकमात्र साधन है।उन्होंने कहा कि यदि जबरन भूमि अधिग्रहण किया जाएगा तो किसान किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।नकुल चौधरी ने कहा कि किसानों को अपनी बात सरकार एवं सक्षम अधिकारियों के समक्ष रखनी चाहिए।नकुल चौधरी ने कहा किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी के विरोध में हम नहीं हैं।सरकार को सहानुभूति पूर्वक किसानों की बात सुननी चाहिए।उन्होंने कहा कि किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश के संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए।वे स्वयं किसान हैं और किसानों की बात सरकार के सामने रखेंगे।इस दौरान आरिफ प्रधान,ऋषिपाल, राजकुमार, हुसैन अहमद,अर्पित कुमार, हिमांशु राणा,बबलू प्रधान, अर्सलान प्रधान, अरुण राणा,विनोद राणा,हाजी वकील,रामकिशन, राजकुमार, समय सिंह,चौधरी यासीन,बलविंदर, सरफ़राज़,गौरव,फ़रमान, जहाँगीर चौधरी,नवाब सिरसली आदि काफी किसान मौजूद रहे।
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