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जे वी जैन डिग्री कॉलेज में आज के दौर में भगत सिंह का ही रास्ता क्यों? पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

जे वी जैन डिग्री कॉलेज में आज के दौर में भगत सिंह का ही रास्ता क्यों? पर विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-"शहीदे ए आजम भगत सिंह" के 119 वे जन्म दिवस पर "अग्रगामी छात्र नौजवान सभा" द्वारा जे वी जैन डिग्री कॉलेज में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें आज के दौर में भगत सिंह का रास्ता ही क्यों? विषय को लेकर अलग-अलग साथियों ने विचार रखें ।

विचार गोष्ठी की शुरुआत भगत सिंह और तमाम क्रांतिकारियों के पसंदीदा गीत "मेरा रंग दे बसंती चोला" से की गयी। भगत सिंह कैसे पंजाब के एक छोटे से गांव बंगा से निकलकर एक महान क्रांतिकारी में रूपांतरित हुए तथा किन घटनाओ ने और किन तमाम लोगों ने उनकी जिंदगी को रूपांतरण किया आदि परिचय देते हुए साथी जावेद ने अपनी बात रखी। विचार गोष्ठी में आशीष ने आज के दौर में भगत सिंह को याद करने का अर्थ और उनकी प्रासंगिकता पर बात रखते हुए कहा के क्या आज भगत सिंह के सपनों का भारत हमें कहीं दिखाई देता है? अगर नहीं तो हमें क्रांतिकारियों के विचारों की रोशनी में आगे बढ़ना होगा।आज का दौर छात्र नौजवानों के लिए अच्छी बुरी परिस्थिति तथा नए कार्यभार लेकर आया है विषय पर बात रखते हुए महबूब ने बताया कि आज का दौरा छात्रों नौजवानों की एकजुटता संघर्ष और अगुवाई का दौर है। साथी मीनाक्षी ने छात्राओं की जिंदगी आज न्यू एजुकेशन पॉलिसी (NEP) और बढ़ती फीस की वजह से कैसे प्रभावित है विषय को चिन्हित करते हुए अपनी बात रखीकार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रविंद्र कुमार जी ने बताया कि आज देश के छात्रों और नौजवानों के सामने अंग्रेजी दौर वाले हालात मौजूद है इन्हें बदलने का रास्ता एकजुट होकर संघर्ष करने का रास्ता है। और इसके लिए छात्रों नौजवानों को एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का रास्ता अपनाना होगा। कार्यक्रम में एक खुला सत्र भी रखा गया जिसमें आए छात्रों नौजवानों ने अलग-अलग विषय पर अपनी बातचीत राखी व प्रोग्राम का समापन "ए भगत सिंह तू जिंदा है, हर एक लहू के खतरे में" गीत से किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जावेद, आशीष, महबूब, रविंद्र जी रवि, आयुष, मीनाक्षी, वैष्णवी, उर्वशी समेत अन्य तमाम लोग मौजूद रहे।


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