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पितृ पक्ष में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से पितरों को मिलती है शांति

 पितृ पक्ष में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से पितरों को मिलती है शांति

कथा व्यास पंडित उद्धव कोदंड जी ने बताया भक्ति, धर्म और सत्संग का महत्व

रिपोर्ट: रवि बख्शी

सहारनपुर-पितृ पक्ष में श्रद्धा और भक्ति भाव से श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से पितरों को शांति प्राप्त होती है तथा कथा श्रवण करने वाले परिवार को भी पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धा भाव से पितरों का पूजन, तर्पण एवं स्मरण करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।


उक्त विचार कंपनी बाग स्थित श्री बागेश्वर मंदिर में महामण्डलेश्वर  पंडित अनिल कोदंड जी के सानिध्य में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास पंडित उद्धव कोदंड जी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए श्रद्धा का माध्यम माना जाता है। कथा के माध्यम से मनुष्य को भक्ति, धर्म और सत्संग का मार्ग मिलता है तथा जीवन में सदाचार एवं संस्कार अपनाने की प्रेरणा प्राप्त होती है।कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य को अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव रखते हुए उनके बताए संस्कारों और सद्मार्ग को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, भक्ति, सेवा और सद्भावना की ओर प्रेरित करती है।
कथा के दौरान कथा व्यास द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। मंदिर परिसर “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से कथा का श्रवण करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान सुनील मदान, कृष्ण मोहन मदान,संजीव टंडन, दर्शन लाल टक्कर, हर्ष आहूजा, राजीव गोयल, के एल ग्रोवर, कपिल मल्होत्रा, कमल मल्होत्रा, खैराती लाल, तुलसी बत्रा, विक्की ठकराल, पुनीत बजाज, शिव कुमार शर्मा, बसंत शर्मा, धीरज परुथी, गुलशन अनेजा, प्रवीण सचदेवा  भरत, अमित आदि उपस्थित रहे!


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