Ticker

6/recent/ticker-posts

शहीद भाई मती दास जी के नाम से पार्क का नामकरण गर्व और गौरव का विषय

 शहीद भाई मती दास जी के नाम से पार्क का नामकरण गर्व और गौरव का विषय

रिपोर्ट अमान उल्ला खान-रवि बख्शी

सहारनपुर-पटेल नगर स्थित नव-निर्मित पार्क का नाम अमर शहीद भाई मती दास जी की शहादत की स्मृति में रखा जाना क्षेत्रवासियों एवं समाज के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अमर हुतात्मा भाई मती दास जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके त्याग, तपस्या और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वार्ड 40 के पार्षद एवं सेवादार सरदार राजेंद्र सिंह कोहली ने कहा कि भारत माता और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वालों की देश में सुदीर्घ परंपरा रही है। उन्होंने महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के प्रयासों से इस नव-निर्मित पार्क का नाम अमर शहीद भाई मती दास जी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को महान शहीदों के इतिहास और उनके बलिदान से अवश्य परिचित कराना चाहिए। इसी उद्देश्य से आगामी 9 नवंबर को पार्क में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा।रवि बख्शी ने कहा कि भाई मती दास जी और भाई सती दास जी का त्याग एवं बलिदान धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सदैव स्मरण किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि ऐसी महान शहीद विभूति के नाम पर नव-निर्मित पार्क का नाम रखा गया है। उन्होंने इस कार्य से जुड़े सभी लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।शक्ति महिला मंडल की अध्यक्ष शालिनी चावला ने कहा कि महान शहीदों ने धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए असहनीय यातनाएं सहकर अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन महान आत्माओं का समाज पर बहुत बड़ा ऋण है और नई पीढ़ी को उनके इतिहास से अवगत कराना हम सभी का दायित्व है।
मुकेश दत्ता ने भी सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहीदों के सरताज भाई मती दास जी के नाम पर पार्क का नामकरण किया जाना गौरव की बात है। गुरु तेग बहादुर स्कूल के प्रबंधक सरदार सतविंदर सिंह माकन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा “सौ साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है, तब होता है चमन में कोई दीदावर पैदा।”उन्होंने कहा कि बलिदानी वंश के बाबा परागा के पड़पोते तथा नवम पातशाही श्री गुरु तेग बहादुर जी के दीवान भाई मती दास जी ने धर्म की रक्षा के लिए मृत्यु को स्वीकार किया, लेकिन अपने सिद्धांतों से विचलित नहीं हुए। उनके नाम पर पार्क का नामकरण होना सभी के लिए हर्ष और गौरव का विषय है।स. सतविंदर सिंह माकन ने बताया 9 नवंबर 1675 को चांदनी चौक, दिल्ली में भाई मती दास जी को लकड़ी के दो भागों के बीच बांधकर शहीद किया गया था। उन्होंने कहा कि आज हम उस महान आत्मा को नमन कर रहे हैं और अब यह पार्क उनके नाम से जाना जाएगा। आने वाली पीढ़ियों को भी बताया जाएगा कि भाई मती दास जी ने देश, धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।इस अवसर पर समाजसेवी राणा सिंधु, प्रदीप भाटिया, सरदार हरभजन सिंह कलसी, संजीव पंवार, दिनेश दत्ता, जोली भारती, संजय दत्ता, रिंकू, आयुष दत्ता, सतीश चड्ढा, श्रीमती पूनम दत्ता, ललिता दत्ता, हर्ष, विनय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

गीता पढ़ने पर मनुष्य को बहुत सी नई जानकारियां भी मिलती है-गोस्वामी ऊधो जी महाराज