वो पात्र जिन्होंने जीवंत किया दशानन का मूर्त किरदार
अभिनय और अट्टहास का पर्दे पर दिया संजीव वर्णन
निजी जीवन में कोई श्री राम तो कोई महादेव का भक्त,पर्दे पर राम से ही शत्रुता
डेयरी संचालक, कपड़ा व्यापारी और इवेंट मैनेजर के जैसे व्यवसाय के साथ रखते है अभिनय का जज्बा
रिपोर्ट अमित मोनू यादव
सहारनपुर-रावण यू तो हिंदू महाकाव्य रामायण के एक प्रमुख, शक्तिशाली और मुख्य पात्र हैं,जिन्हें लंका के राजा और दशानन यानी दस सिर वाला के रूप में भी जाना जाता है। ऋषि विश्रवा और माता कैकसी के पुत्र रावण एक महाज्ञानी, महा पराक्रमी और महाविद्वान थे
शिक्षा और विद्वता में रावण कोई साधारण असुर नहीं थे, बल्कि एक महाविद्वान और महापंडित माने थे।हालांकि रावण के पतन का मुख्य कारण उसका अहंकार, अधर्म और माता सीता का अपहरण था।पौराणिक कथा के अनुसार रावण के दस सिर थे विद्वानों का मत है ये उनकी कठोर तपस्या और असीम बुद्धि के कारण समान शक्ति का प्रतीक माना गयाजनपद सहारनपुर में बीते दस दिनों जारी मंचन में अब आगे महाराज रावण का नियमित अभिनय और अट्टहास दर्शकों को आकर्षित जरूर करेगा और दर्शक रावण के अभिनय को मूर्त देने वाले किरदारों के निजी जीवन को जानने के लिए काफी उत्सुक दिखाई देंगे है।जनपद की कुछ प्रमुख लीलाओं के इन किरदारों के बारे हम कुछ जानकारी लेकर आपके बीच आए है श्री कृष्ण राम नाटक क्लब जुबली पार्क में रावण का किरदार निभा रहे प्रॉपर्टी डीलर सुरेश निझवन खुद ही श्री राम के भक्त है। सुरेश महानगर की लीलाओं के एक प्रमुख और जाने माने कलाकारों में शुमार lहै। जो बीते 23 वर्षों से रावण,दशरथ समेत निर्देशक के रूप में भी इस बार किरदार निभा रहे है ।सुरेश निझवान का कहना है कि राम लीला में रोल करना उनकी भक्ति भी है और उनका समर्पण भी,जिसे करने से उन्हें जीवन में नई ऊर्जा मिलती है।कपड़ा व्यवसाई कमल मल्होत्रा उत्तर रेलवे नाटक क्लब मॉल गोदाम रोड में बीते 2 सालों से लंकापति का अभिनय बखूबी निभा रहे है।कमल के बारे क्लब के मीडिया प्रभारी अमित मोनू यादव बताते है कि वो 2023 से यानी 24 वर्षों से रावण बनते आ रहे,और जुबली पार्क लीला में भी कई वर्ष रावण का किरदार निभाया। कमल का अट्टहास उनका विशेष आकर्षण है।जिसे सुनने दर्शकों दूर दूर से आते है।भारतीय कला मंच रामलीला गोविन्द नगर में 11 वर्षों के अंतराल के बाद इस वर्ष फिर 37 वर्षीय इवेंट मैनेजर और डेकोरेटर मोहित वशिष्ठ दर्शकों की मांग पर रावण का सशक्त अभिनय निभा रहे है। मोहित वशिष्ठ सात की आयु से लीला से जुड़े हुए है और उनको इस बार तीस वर्ष पूरे हो जाएंगे,मोहित गोविंद नगर की लीला में बीते सात वर्षों से निर्देशक की भूमिका निभा रहे है। मोहित का कहना है कि राम लीला से जुड़ाव उनका बचपन से ही है और ये उनके जीवन का अब अभिन्न अंग है।श्री आशुतोष समिति,गुरुद्वारा रोड पर दूध और डायरी कारोबारी राजीव यादव पहली बार दशासन रोल करेंगे।राजीव यादव अपने अभिनय के बल पर सहारनपुर जनपद में काफी प्रसिद्ध कलाकार है,वो इससे पहले भी कई लीलाओं में रावण का संजीव किरदार निभा चुके है। राजीव यादव का लंबा कद और उनके संवादों को सुनने दर्शक दूर दराज से आते है। दर्शकों का कहना है कि राजीव अपने अभिनय से लंकेश के किरदार को मूर्त रूप दे देते है। राजीव का कहना है कि ये श्री राम की कृपा ही है जो दर्शकों से उन्हें इतना प्यार और सम्मान मिलता है।_

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