लीवर ट्रांसप्लांटेशन के बाद मरीज नार्मल ज़िन्दगी जी सकता है-डॉक्टर राघव बंसल
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सहारनपुर ब्रांच की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी का आयोजन दिल्ली रोड स्थित एक होटल के सभागार मे हुआ ,जिसमे पारस हास्पिटल, पंचकूला से आए डॉक्टर अमित कुमार मण्डल तथा डॉक्टर राघव बंसल ने अपने विचार रखे।
डॉक्टर अमित कुमार मंडल ने कहा कि टी.बी.के मरीजो को अपना पूरा इलाज करना चाहिए, बीच मे दवाई नही छोडनी चाहिए, क्योकि ऐसा करने से टी.बी.के बैक्टीरिया मे प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाती है, और फिर ईलाज करना बहुत मुश्किल हो जाता है।उन्होने कहा कि अगर किसी मरीज के फेफडे मे गाठ है तो इसकी ब्रोकोस्कोपी द्वारा सही जांच करनी चाहिए। डॉक्टर राघव बंसल ने बताया कि अगर किसी मरीज का लीवर खराब हो जाए तो उसका इलाज सिर्फ लीवर ट्रांसप्लांटेशन द्वारा ही सम्भव है।डॉक्टर राघव बंसल ने कहा कि अब लीवर ट्रांसप्लांटेशन के बाद मरीज नार्मल ज़िन्दगी जी सकता है।उनहोने कहा कि भारतवर्ष मे करीब 4 करोड लोग लीवर की बीमारी से पीड़ित है,अकेले भारत मे करीब 20 हजार लीवर ट्रांसप्लांटेशन की प्रतिवर्ष जरूरत है।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर पूनम मखीजा ने की।सचिव डॉक्टर नीरज आर्य ने सभी अतिथियो का स्वागत किया।कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक सचिव डॉक्टर कलीम अहमद ने किया।इस अवसर पर डॉक्टर अनुपम मलिक, डॉक्टर सुधीर अग्रवाल, डॉक्टर पूनम कुमार, डॉक्टर सी.एस. चोपडा,डॉक्टर वन्दना वर्मा, डॉक्टर अनिल मलिक, डॉक्टर सीमा अग्रवाल, डॉक्टर सुदर्शन नागपाल, डॉक्टर वी. एस.पुण्डीर, डॉक्टर सौम्या जैन, डॉक्टर डी.के. गुप्ता,डॉक्टर महेश चन्द्रा,डॉक्टर रजनीश सिंघल, डॉक्टर रविकांत, डॉक्टर प्रवीण मित्तल, डॉक्टर आर. एस. पंवार, डॉक्टर सफल कुमार, डॉक्टर एम. के. जैन, डॉक्टर सऊद हसन, डॉक्टर अंशुमन तिवारी,डॉक्टर खलीलुल्ला खान, डॉक्टर रजत बंसल आदि चिकित्सक उपस्थित थे।
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