विकसित भारत-जी राम जी के साथ योजनाओं के कन्वर्जेंस को लेकर बैठक,
जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और आजीविका संवर्धन पर रहेगा फोकस
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-विकास भवन सभागार,रोशनाबाद में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत-जी राम जी के साथ केन्द्राभिसरण/युगपतिकरण किए जाने के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला विकास अधिकारी,समस्त खण्ड विकास अधिकारी सहित कृषि,भेषज,जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान,उद्यान,रेशम,मत्स्य,पंचायतीराज,स्वजल, बाल विकास,डेयरी,सिंचाई,लघु सिंचाई एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत जल सुरक्षा एवं संरक्षण,ग्रामीण अवसंरचना,आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसम से निपटने से संबंधित कार्यों को शामिल किया गया है।इन चारों क्षेत्रों के माध्यम से विकास, सशक्तिकरण,कन्वर्जेंस और स्थायी आजीविका को बढ़ावा दिया जाएगा।उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि उनकी योजनाओं के अधिक से अधिक कार्यों को विकसित भारत-जी राम जी योजना के साथ केन्द्राभिसरण/युगपतिकरण के माध्यम से संचालित किया जाए।उन्होंने प्रत्येक गांव में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।वहीं आजीविका संवर्धन के लिए भेषज विभाग एवं जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान को चंदन व आंवला पौधरोपण,उद्यान विभाग को ड्रैगन फ्रूट,स्ट्रॉबेरी व मशरूम उत्पादन,रेशम विभाग को शहतूत वृक्षारोपण तथा मत्स्य विभाग को मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।बैठक में विकासखण्डों को ऐसे गांव विकसित करने के निर्देश दिए गए,जो अपने स्तर पर आय के स्थायी स्रोत तैयार कर सकें।इसके तहत जल संचय,स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कूड़ा एवं अपशिष्ट प्रबंधन,जल निकासी,सिंचाई सुविधाएं तथा आजीविका के लिए नर्सरी निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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