ग्लोकल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय हिंदी दिवस समारोह का हुआ भव्य आयोजन
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-ग्लोकल विश्वविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय हिंदी दिवस समारोह-2026 का भव्य आयोजन मेडिकल ऑडिटोरियम में किया गया। समारोह का केंद्रीय विषय “हिंदी - अभिव्यक्ति ही नहीं, भारतीय अस्मिता और सांस्कृतिक चेतना की जीवंत संवाहिका है” रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ। डॉ. रेशमा ताहिर, डीन, स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया।
समारोह में कुलसचिव प्रोफेसर शिवानी तिवारी, प्रतिकुलपति प्रोफेसर जॉन फिनबे तथा अतिरिक्त प्रतिकुलाधिपति श्री सैयद निजामुद्दीन ने अपने आशीर्वचनों से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर अश्विनी कुमार ने हिंदी की वर्तमान प्रासंगिकता पर विषय-प्रवर्तन किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. रजनी चौहान ने हिंदी की व्यापकता और भारतीय सांस्कृतिक चेतना में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है। इसके बाद उन्होंने बहुत ही सरस रचनाएं पढ़ी और छात्रों की भरपूर तालियां बटोरी। समारोह का विशेष आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें छात्र कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर किया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने कविताओं का आनंद लेते हुए हिंदी साहित्य के प्रति अपनी रुचि एवं अनुराग का परिचय दिया। कार्यक्रम में ‘ग्लोकल स्पॉटलाइट’ का भी विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि, सभी विशिष्ट अतिथियों और डीन द्वारा किया गया। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर सी. पी. वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. शोभा त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का सफल और आकर्षक संचालन विश्वविधालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ मोहम्मद वाजिद खान ने किया। द्वितीय सत्र का संचालन दिल्ली से पधारे उभरते शायर तारिक अज़ीम तन्हा ने किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।समारोह ने विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति गौरव, साहित्यिक चेतना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का भाव और अधिक सुदृढ़ किया।
0 टिप्पणियाँ