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मानवीय कल्याण समिति की रामलीला में रामेश्वरम स्थापना, विभीषण की शरणागति और रावण-अंगद संवाद का भव्य मंचन

मानवीय कल्याण समिति की रामलीला में रामेश्वरम स्थापना, विभीषण की शरणागति और रावण-अंगद संवाद का भव्य मंचन

प्रभु श्रीराम की भक्ति, अंगद की निर्भीकता और विभीषण की शरणागति ने दिया धर्म की विजय का संदेश, भक्तिमय जयकारों से गूंजा रामलीला परिसर

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर- मानवीय कल्याण समिति, लेबर कॉलोनी द्वारा आयोजित भव्य रामलीला में भगवान श्रीराम की आराधना और विजय संकल्प से जुड़े रामेश्वरम स्थापना, विभीषण की प्रभु श्रीराम की शरणागति तथा रावण-अंगद संवाद के प्रसंगों का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से रामायण के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया, जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
रामेश्वरम स्थापना के प्रसंग में भगवान श्रीराम द्वारा समुद्र तट पर शिवलिंग की स्थापना एवं भगवान शिव की आराधना के माध्यम से भक्ति, श्रद्धा और संकल्प की महिमा को दर्शाया गया। इस प्रसंग ने संदेश दिया कि किसी भी बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए ईश्वर के प्रति आस्था, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। प्रभु श्रीराम की शिवभक्ति के मंचन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।विभीषण की शरणागति के प्रसंग में दिखाया गया कि जब रावण ने अपने भाई विभीषण की सत्य और धर्म पर आधारित सलाह को अहंकारवश ठुकरा दिया, तो विभीषण ने अधर्म का साथ छोड़कर प्रभु श्रीराम की शरण ग्रहण की। भगवान श्रीराम ने उन्हें अपनाकर शरणागत की रक्षा और धर्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का आदर्श प्रस्तुत किया। इस प्रसंग ने दर्शकों को सिखाया कि सत्य का साथ देने के लिए अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़ा होना आवश्यक है।वहीं, रावण-अंगद संवाद के रोमांचक मंचन में अंगद ने रावण की सभा में पहुंचकर उसे माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाने और प्रभु श्रीराम से शत्रुता समाप्त करने की सलाह दी। अंगद की निर्भीकता, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास के सामने रावण का अहंकार स्पष्ट दिखाई दिया। इस प्रसंग ने दर्शकों को संदेश दिया कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है तथा अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर विधायक श्री राजीव गुंबर, महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह, भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की पूर्व संयोजिका श्रीमती अल्पना तलवार, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री मनीष अरोड़ा, श्री अजब सिंह तथा वरिष्ठ व्यापारी श्री संजय मिड्ढा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने रामलीला के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी गौरवशाली परंपराओं को जीवंत रखते हैं और नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, संस्कारों तथा मर्यादा से परिचित कराते हैं।
मानवीय कल्याण समिति के संरक्षक श्री सुरेंद्र शर्मा, श्री कालीचरण शर्मा, एडवोकेट श्री अशोक श्रीवास्तव तथा संरक्षक एवं दशहरा प्रधान श्री प्रदीप शर्मा (टीनू गुरु जी) के मार्गदर्शन में रामलीला का आयोजन भव्य रूप से संपन्न हो रहा है।समिति के अध्यक्ष श्री प्रदीप कपिल, महामंत्री श्री विश्वनाथ तिवारी, कोषाध्यक्ष श्री संजय राय, संयोजक ठाकुर रामाशंकर सिंह, श्री यशपाल चौधरी, श्री उमेश कश्यप, श्री संदीप रावत, श्री राजेंद्र गुप्ता गर्ग, श्री सतेंद्र रावत, श्री कमल श्रीवास्तव, डॉ. अश्वनी शर्मा, डॉ. मोहित शर्मा एवं डायरेक्टर श्री प्रकाश पांडेय सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया तथा आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।मंच संचालन श्री विजय गुप्ता एवं एडवोकेट श्री सतीश चौधरी ने किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को सत्य, त्याग, सेवा, मर्यादा और सदाचार का मार्ग दिखाने वाला सांस्कृतिक महोत्सव है। भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को एकता, सद्भाव और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।कार्यक्रम के दौरान रामलीला परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

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